Kena Upanishad (68) 9788185273730 प्रयोजन है । हाथ की
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Kena Upanishad (68) 9788185273730 प्रयोजन है । हाथ की प्रयोजन है । हाथ की रेखाएं भी जीवन की घटनाओं को बताने के लिए बनाई गई हैं। इसलिए फिंगर प्रिंट तो कभी नहीं बदलते हैं किंतु हस्तरेखाएं बदलती रहती हैं। शास्त्रों में भी लिखा है कि सुबह उठकर सर्वप्रथम अपनी हथेली का दर्शन करना चाहिए पामिस्ट्री एक विज्ञान They are multi data based