Yog Shrankhla (Volume 1) Rajyog & (Volume 2) Sampannata Awam Vipannta Sambandhi Yog [Hindi] 5395422392549 श्री रंगाचारी तथा डाक्टर श्रीमती
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Yog Shrankhla (Volume 1) Rajyog & (Volume 2) Sampannata Awam Vipannta Sambandhi Yog [Hindi] 5395422392549 श्री रंगाचारी तथा डाक्टर श्रीमती श्री रंगाचारी तथा डाक्टर श्रीमती निर्मल जिन्दल ने अपने बहुमूल्य सुझावों द्वारा पुस्तक को पठनीय ही नहीं वरन् संग्रहणीय बनाया मैं उनका आभारी हूँ। मैं आभारी हूँ प्रोफेसर कुमार विवेकी का जिन्होंने षडबल सारिणी सहित उदाहरण कुंडलियाँ देकर बहुमूल्य योगदान किया । विचारकों